हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले में मंडी से 80 किलोमीटर दूर समुद्र तल से 1800 मीटर की ऊँचाई पर एक शांत, सुरम्य और रमणीय स्थान है – बरोट। यह स्थान ऊहल नदी के किनारे स्थित है। ब्रिटिश काल में यहाँ एक छोटा बांध बनाया गया था, जो अभी भी है और बरोट का मुख्य आकर्षण है। बरोट ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए भी शानदार स्थान है। यहाँ से कांगड़ा घाटी, कुल्लू घाटी और बड़ा भंगाल के ट्रैक निकलते हैं।

बरोट वैली कैसे पहुँचें?

पठानकोट-मंडी राजमार्ग पर जोगिंदर नगर के पास एक स्थान है घटासनी। यहाँ से बरोट का रास्ता अलग होता है। मुख्य स्थानों से बरोट की दूरियाँ इस प्रकार हैं:

जोगिंदर नगर से बरोट: 40 किमी

बैजनाथ से बरोट: 60 किमी

कांगड़ा से बरोट: 110 किमी

धर्मशाला से बरोट: 110 किमी

पठानकोट से बरोट: 190 किमी

डलहौजी से बरोट: 220 किमी

मंडी से बरोट: 80 किमी

शिमला से बरोट: 210 किमी

चंडीगढ़ से बरोट: 250 किमी

दिल्ली से बरोट: 500 किमी

कुल्लू से बरोट: 115 किमी

मनाली से बरोट: 155 किमी

पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बरोट कैसे पहुँचें?

नजदीकी रेलवे स्टेशन: जोगिंदर नगर (नैरोगेज), पठानकोट (ब्रॉडगेज)

नजदीकी एयरपोर्ट: कांगड़ा

यदि आप दिल्ली या चंडीगढ़ से आ रहे हैं, तो बैजनाथ की कोई भी बस पकड़िए। इस मार्ग पर बहुत सारी बसें उपलब्ध हैं। वैसे तो दिल्ली से सीधे जोगिंदर नगर की भी ओवरनाइट बस चलती है, लेकिन ज्यादा बसें बैजनाथ तक ही जाती हैं। बैजनाथ/जोगिंदर नगर से आपको बरोट के लिए दूसरी बस मिल जाएगी।

यदि आप कांगड़ा या पठानकोट से आ रहे हैं, तो आपको सीधे घटासनी की बस मिल जाएगी, लेकिन बेहतर होगा कि आप जोगिंदर नगर उतरिए, क्योंकि बरोट की ज्यादातर बसें जोगिंदर नगर से ही बनकर चलती हैं, इसलिए सीट मिलने में आसानी रहती है।

बरोट में कहाँ ठहरें?

यहाँ आपको आसानी से होटल, होम-स्टे और कैंप मिल जाएँगे।

बरोट में क्या करें?

जंगल वाकिंग, बर्ड वाचिंग, ट्राउट फिशिंग और ट्रैकिंग। वैसे बरोट नदी किनारे समय बिताने के लिए उपयुक्त है।

बरोट के आसपास कहाँ जाएँ?

बरोट जाने का सर्वोत्तम समय

पूरे साल। सर्दियों में यहाँ बर्फबारी भी होती है, लेकिन रास्ता खुला रहता है।

आप बरोट के बारे में कुछ भी जानना चाहते हैं, तो हमें बताएँ:

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