Janjehli

शिमला से 160 किमी और मंडी से 80 किमी दूरे स्थित जंजैहली एक खूबसूरत स्थान है। इसकी समुद्र तल से ऊँचाई 2100 मीटर है और गर्मियों में यहाँ का मौसम खुशनुमा बना रहता है। जंजैहली अपने सेब के बगीचों के लिए भी प्रसिद्ध है।

जंजैहली कैसे पहुँचें?

जंजैहली सड़क मार्ग से सीधे दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला से जुड़ा है। यदि आप दिल्ली या चंडीगढ़ की तरफ से आ रहे हैं, तो पहले सुंदरनगर पहुँचिए। यहाँ से दाहिने हाथ की तरफ एक सड़क जाती है, तो आपको सीधे जंजैहली पहुँचा देगी। सुंदरनगर से जंजैहली की दूरी 85 किमी है। सड़क सिंगल लेन है और अच्छी बनी है। आप अपनी किसी भी गाड़ी से यहाँ तक पहुँच सकते हैं। सुंदरनगर और मंडी से टैक्सियाँ भी मिल जाएँगी।

यदि आप शिमला से आ रहे हैं, तो ये रास्ते अपना सकते हैं:

  1. वाया तत्तापानी – पांगणा – रोहांडा – चैलचौक (225 किमी)
  2. वाया तत्तापानी – चिंदी – छतरी (200 किमी)
  3. वाया नारकंडा – सैंज – लुहरी – नगान – छतरी (160 किमी)

ये सभी रास्ते प्राकृतिक सुंदरता से भरे हुए हैं और आपको इन पर ड्राइविंग करना अच्छा लगेगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जंजैहली कैसे पहुँचें?

नजदीकी रेलवे स्टेशन: चंडीगढ़

नजदीकी एयरपोर्ट: चंडीगढ़

दिल्ली/चंडीगढ़ से:मंडी, कुल्लू या मनाली जा रही किसी भी बस में बैठिए और नेरचौक या मंडी उतर जाइए। यहाँ से आपको जंजैहली की दूसरी बस मिल जाएगी। दिल्ली से मंडी 420 किमी है और 9-10 घंटे लगते हैं। चंडीगढ़ से मंडी 200 किमी है और 5 घंटे लगते हैं। मंडी से जंजैहली 80 किमी है और 3 घंटे लगते हैं। दिल्ली से सीधे जंजैहली के लिए एक ओवरनाइट भी बस भी चलती है।

शिमला से:शिमला से जंजैहली के लिए कई सीधी बसें हैं, जो लगभग 8 घंटे लगाती हैं।

जंजैहली में कहाँ ठहरें?

जंजैहली और इसके आसपास के गाँवों में कई होम-स्टे और होटल हैं। हम जंजैहली से 2 किमी दूर ढीम कटारू गाँव में ठहरने का सुझाव देंगे।

जंजैहली में क्या करें?

जंजैहली प्राकृतिक वातावरण और सेब के बगीचों के लिए प्रसिद्ध है। आप यहाँ सुकून से कुछ समय बिताने के लिए आ सकते हैं। जंजैहली के आसपास कुछ प्रसिद्ध स्थान इस प्रकार हैं:

  • शिकारी माता:समुद्र तल से 3300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह मंदिर जंजैहली से 16 किलोमीटर दूर है। 15 किलोमीटर तक गाड़ी चली जाती है और आखिरी एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। यहाँ से धौलाधार और पीर पंजाल के साथ-साथ चारों तरफ के शानदार नजारे देखे जा सकते हैं।
  • बूढ़ा केदार:जंजैहली से 5-6 किलोमीटर दूर बूढ़ा केदार एक रमणीक स्थान है। रास्ता पैदल का है और जंगल से होकर जाता है। यहाँ एक गुफा है और एक जलप्रपात भी है। यह जलप्रपात सर्दियों में जम जाता है। बूढ़ा केदार से आप पैदल शिकारी माता भी जा सकते हैं।
  • तुंगासी मंदिर:समुद्र तल से 3150 मीटर ऊपर और जंजैहली से 5 किलोमीटर की ट्रैकिंग करके यहाँ तक पहुँचा जा सकता है।
  • छतरी:यहाँ का मगरू महादेव मंदिर दर्शनीय है।
  • भुलाह:जंजैहली से शिकारी माता के रास्ते में स्थित है और जंगल के बीच में घास का शानदार मैदान है।

जंजैहली के आसपास कहाँ जाएँ?
जंजैहली से 200 किलोमीटर की दूरी में कुछ दर्शनीय स्थान ये रहे:

जंजैहली जाने का सर्वोत्तम समय:

पूरे साल। सर्दियों में यहाँ बर्फबारी होती है, लेकिन रास्ता खुला रहता है। गर्मियों में मौसम खुशनुमा रहता है और मानसून में सेब पकते हैं।

जंजैहली में मोबाइल नेटवर्क

बी.एस.एन.एन., एयरटेल, वोडाफोन और जियो।

आप जंजैहली के बारे में कुछ भी जानना चाहते हैं, तो हमें बताएँ:

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