हिमाचल के कुल्लू जिले में स्थित सैंज घाटी अभी ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है। सैंज नदी महा-हिमालय के ग्लेशियरों से निकलती है और लारजी में तीर्थन नदी में मिल जाती है। तो लारजी से ही सैंज वैली शुरू हो जाती है और अपनी शुरूआत से ही यह घाटी खूबसूरती में अव्वल है और आपका मन मोह लेगी।

सैंज घाटी कैसे पहुँचें?
जब आप दिल्ली या चंडीगढ़ या किसी भी अन्य जगह से कुल्लू-मनाली की ओर जाते हैं, तो हिमाचल में मंडी और कुल्लू के बीच में एक स्थान है औट। यहाँ से मनाली हाइवे को छोड़ दें, तो नेशनल हाइवे 305 पर 4 किलोमीटर दूर लारजी नामक स्थान आता है। लारजी से एक सड़क तीर्थन घाटी की ओर चली जाती है और एक सड़क सैंज घाटी की ओर।
सैंज घाटी का मुख्य कस्बा और बाजार सैंज ही है, जो लारजी से 14 किलोमीटर और कुल्लू से 45 किलोमीटर दूर है। लारजी से सैंज तक शानदार 2-लेन की सड़क बनी है। अगर आप सैंज से आगे चलेंगे, तो 7 किलोमीटर बाद रोपा नामक स्थान आता है, जहाँ फोरेस्ट विभाग का रेस्ट हाउस है और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में ट्रैकिंग करने की अनुमति यहाँ से भी मिलती है। रोपा से 7 किलोमीटर आगे निहारनी गाँव में सड़क समाप्त हो जाती है। सैंज नदी पर कई बाँध बने हैं, जिनके कारण निहारनी तक अच्छी सड़क बनी है। निहारनी के पास दो सुरंगें भी हैं, जिनमें से एक सुरंग तो तकरीबन आधा किलोमीटर लंबी है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सैंज घाटी कैसे पहुँचें?
नजदीकी रेलवे स्टेशन: जोगिंदर नगर (110 किलोमीटर), कीरतपुर साहिब (180 किलोमीटर), चंडीगढ़ (240 किलोमीटर – सबसे सुविधाजनक)
नजदीकी एयरपोर्ट: भुंतर (37 किलोमीटर)
दिल्ली/चंडीगढ़ या किसी भी शहर से मनाली जाने वाली बस पकड़िए और कुल्लू से 30 किलोमीटर पहले औट बाजार में उतर जाइए। औट से आपको सैंज जाने के लिए दूसरी बस मिलेगी। कुल्लू से सैंज और न्यूली के लिए पूरे दिन नियमित बसें चलती हैं।
आप औट से टैक्सी भी ले सकते हैं।

सैंज घाटी में कहाँ ठहरें?
आप सैंज बाजार में ठहर सकते हैं। यहाँ कुछ गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। रोपा में फोरेस्ट रेस्ट हाउस में ठहर सकते हैं। वैसे ठहरने के लिए सबसे शानदार जगह है शांघड़। शांघड़ सैंज घाटी का नगीना है और यहाँ कई अच्छे होम-स्टे उपलब्ध हैं।

सैंज घाटी में क्या करें?
सैंज घाटी वह स्थान है, जहाँ आप प्रकृति के साथ एकाकार होते हैं। यहाँ छोटे-छोटे गाँव हैं, सेब-खुबानी आदि के बगीचे हैं, खेत हैं, नदी है और जंगल है। यहाँ यदि आपको कुछ करना चाहिए, तो वो है – खाली बैठना। इसके अलावा फोटोग्राफी कर सकते हैं, बर्ड वाचिंग कर सकते हैं, ट्रैकिंग कर सकते हैं और मेडिटेशन कर सकते हैं।
यहाँ के कुछ दर्शनीय स्थान ये रहे:

सैंज घाटी के आसपास कहाँ जाएँ?
सैंज से 200 किलोमीटर की दूरी में कुछ दर्शनीय स्थान ये रहे:

सैंज घाटी जाने का सर्वोत्तम समय:
पूरे साल कभी भी। सर्दियों में बर्फबारी भी होती है।

आप सैंज घाटी के बारे में कुछ भी जानना चाहते हैं, तो हमें बताएँ:

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