तीर्थन एक नदी का नाम है, जो हिमाचल के कुल्लू जिले में बहती है और ब्यास की एक सहायक नदी है। यह ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में 4000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित तीरथ नामक स्थान से निकलती है और कुल्लू से 30 किलोमीटर दूर औट के पास ब्यास नदी में मिल जाती है।
इसी नदी की घाटी को तीर्थन घाटी या तीर्थन वैली कहते हैं। इस वैली में जनसंख्या कम है और प्राकृतिक खूबसूरती बहुत ज्यादा है। इसी प्राकृतिक खूबसूरती व इस घाटी में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए इस नदी पर एक भी बांध नहीं बनाया गया।
तीर्थन नदी ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से होकर बहती है। आपको शायद पता होगा कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क यूनेस्को द्वारा घोषित एक विश्व विरासत स्थल भी है।
तीर्थन वैली में कुछ दूर तक सड़क बनी है और बंजार, साईरोपा, गुशैनी आदि गाँव स्थित हैं। इसके अलावा इसकी एक सहायक नदी की घाटी, जिसे जीभी वैली भी कहते हैं, भी बहुत खूबसूरत है और पर्यटन की दृष्टि की तीर्थन वैली का ही हिस्सा है। जीभी वैली में जीभी, घियागी, शोजा आदि गाँव हैं। इन सभी गाँवों में बहुत सारे होम-स्टे, होटल, कैंप, रिसोर्ट बने हैं।

Tirthan Valley

तीर्थन वैली कैसे पहुँचें?

दिल्ली/चंडीगढ़ से तीर्थन वैली: हिमाचल में मंडी और कुल्लू के बीच में औट नामक स्थान स्थित है। दिल्ली-मनाली हाइवे औट से ही गुजरता है। औट टनल से जस्ट पहले दाहिनी तरफ तीर्थन वैली का रास्ता अलग होता है। औट से बंजार 20 किलोमीटर दूर है, जो तीर्थन वैली का मुख्य कस्बा है और तहसील मुख्यालय भी है। बंजार से गुशैनी 10 किमी, जीभी 8 किमी, शोजा 15 किमी और जलोड़ी पास 20 किमी दूर हैं।

कुल्लू/मनाली से तीर्थन वैली: यदि आप कुल्लू या मनाली से तीर्थन वैली पहुँचना चाहते हैं, तो सबसे पहले औट पहुँचिए। 3 किलोमीटर लंबी सुरंग पार करके बाएँ मुड़ जाइए। 20 किलोमीटर बाद आप बंजार में होंगे।

शिमला से तीर्थन वैली: शिमला से नेशनल हाइवे 5 पर चलिए। नारकंडा से आगे सैंज नामक स्थान से बाएँ मुड़ जाइए। यह नेशनल हाइवे 305 है, जो आपको जलोड़ी पास होते हुए तीर्थन वैली पहुँचा देगा। यहाँ से जलोड़ी पास 50 किमी, जीभी 65 किमी, बंजार 73 किमी और गुशैनी 83 किमी हैं।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट से तीर्थन वैली कैसे पहुँचें?

नजदीकी रेलवे स्टेशन: चंडीगढ़ (वास्तव में शिमला नजदीकी रेलवे स्टेशन है, लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी के लिए चंडीगढ़ और अंबाला छावनी अच्छे हैं।
नजदीकी एयरपोर्ट: भुंतर (कुल्लू)

दिल्ली/चंडीगढ़ से मनाली जाने वाली कोई भी बस पकड़िए और कुल्लू से 30 किलोमीटर पहले औट उतर जाइए। मनाली जाने वाली सभी बसें औट से ही होकर गुजरती हैं। बसों की ऑनलाइन बुकिंग आप हिमाचल परिवहन की साइट से या किसी भी अन्य साइट से कर सकते हैं। यदि औट का विकल्प न दिख रहा हो, तो भूंतर या कुल्लू तक बुकिंग कीजिए और औट में उतर जाइए।
औट से आपको लोकल बस मिलेगी, जो डेढ़ से दो घंटे में बंजार, गुशैनी, जीभी आदि स्थानों पर उतार देगी। पूरे दिन नियमित बसें चलती हैं।
यदि आप शिमला से तीर्थन वैली जाना चाहते हैं, तो शिमला से रामपुर की तरफ जाने वाली बस पकड़िए और नारकंडा से आगे सैंज नामक स्थान पर उतर जाइए। यहाँ से आपको कुल्लू जाने वाली बसें मिलेंगी, जिनसे आप तीर्थन वैली या जीभी वैली में अपने डेस्टिनेशन पर पहुँच सकते हैं।

Chehni Kothi

तीर्थन वैली में कहाँ ठहरें?

तीर्थन वैली और जीभी वैली में हर बजट में कमरे, होम-स्टे, कैंप उपलब्ध हैं। यहाँ के रिवरसाइड कैंप आपकी यात्रा को यादगार बना देंगे। कुछ विकल्प ये रहे:

गुशैनी और गुशैनी के आसपास होटल/होम-स्टे:

  • उषा गेस्ट हाउस
  • ऑफबीट एबोड्स
  • आनंद तीर्थन कैंप
  • राजू भारती गेस्ट हाउस
  • त्रिशला रिसॉर्ट
  • शारदा रिसॉर्ट
  • भगवती होम-स्टे
  • मुस्कान होम-स्टे
  • प्रभात होम-स्टे

जीभी और जीभी के आसपास होटल/होम-स्टे

Tirthan Valley Camping

तीर्थन वैली में क्या करें?

यदि आप भीड़-भाड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण में सुकून की यात्राएँ करना चाहते हैं, तो तीर्थन वैली जाएँ। यहाँ छोटे-छोटे गाँव हैं, सेब के बगीचे हैं, नदी का किनारा है, जंगल है… अप यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपना समय किस तरह व्यतीत करना चाहेंगे।
आप इन स्थानों की भी यात्रा कर सकते हैं:

तीर्थन वैली के आसपास कहाँ जाएँ?
तीर्थन वैली (गुशैनी) से 200 किलोमीटर की दूरी में कुछ दर्शनीय स्थान ये रहे:

तीर्थन वैली जाने का सर्वोत्तम समय

पूरे साल। सर्दियों में यहाँ बर्फ भी पड़ती है।

तीर्थन वैली में मोबाइल नेटवर्क

बी.एस.एन.एल., एयरटेल और जियो

तीर्थन वैली की ट्रिप बुक करें:

आप तीर्थन वैली के बारे में कुछ भी जानना चाहते हैं, तो हमें बताएँ:

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