जोत ट्रैक: जलोड़ी पास-सेरोलसर लेक-लांभरी हिल-सकीर्ण जोत-चैहणी कोठी - 5 Days

Lambhri Hill Skeern Jot Trek Jibhi

हिमाचल में जोत का अर्थ होता है “दर्रा या रिज”। स्थानीय लोगों के लिए जोत एक पवित्र स्थान होता है, जहाँ उनके देवता रहते हैं; जोगणियाँ रहती हैं; मंदिर होते हैं; मेले लगते हैं; उत्सव होता है और नियमित आवाजाही रहती है।
इसी तरह की एक जोत जीभी वैली के इर्द-गिर्द है, जो जलोड़ी पास से शुरू होती है और सेरोलसर लेक, लांभरी हिल, सकीर्ण जोत होते हुए चैहणी कोठी तक जाती है। इसकी ऊँचाई औसतन 3400 मीटर है और ज्यादातर रास्ता ट्री-लाइन से ऊपर ही जाता है। और आपको पता ही है कि हिमालय में ट्री-लाइन से ऊपर घास के बड़े-बड़े मैदान होते हैं, उनके परे हिमालय की बर्फीली चोटियाँ होती हैं और शानदार नजारा होता है।

नोट:

  1. रेनकोट अवश्य लाएँ। बारिश भी मिल सकती है और तापमान शून्य डिग्री तक भी हो सकता है।
  2. ट्रैक मुश्किल नहीं है, लेकिन यदि आपको पैदल चलने की आदत नहीं है, तो आपके लिए पैदल चलना मुश्किल हो सकता है।
  3. पूरी ट्रिप के दौरान किसी भी तरह की शराब पीना सख्त मना है। यदि आप ऐसा करते पाए जाते हैं, तो आपको ट्रिप से निष्कासित कर दिया जाएगा और कुछ भी रिफंड नहीं मिलेगा।

रिफंड पॉलिसी

  1. यात्रा शुरू होने के 30 दिन से पहले कैंसिल कराने पर 90% रिफंड।
  2. यात्रा शुरू होने के 5 से 30 दिन के बीच कैंसिल कराने पर 50% रिफंड।
  3. उसके बाद कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
  4. GST का रिफंड नहीं मिलेगा।

Day 1
दिन-1: जीभी आगमन

यदि आप दिल्ली/चंडीगढ़ से मनाली की कोई भी बस पकड़ते हैं, तो वह आपको कुल्लू से 30 किलोमीटर पहले औट नामक स्थान पर उतार देगी। औट से आपको जीभी/घियागी की दूसरी बस मिलेगी। आज आप जीभी/घियागी में नदी के किनारे कैंप/होटल/होमस्टे में रुकेंगे।

Day 2
दिन-2: जलोड़ी पास से रघुपुर किला और सेरोलसर लेक ट्रैक

सबसे पहले आप जीभी/घियागी से बस से जलोड़ी पास जाएँगे। जीभी से जलोड़ी पास की दूरी 12 किलोमीटर है। जलोड़ी पास (3150 मीटर) से 3 किलोमीटर पश्चिम में एक बहुत बड़ा मैदान है। यही रघुपुर किला (3300 मीटर) है। यहाँ कुछ समय व्यतीत करके वापस जलोड़ी पास आ जाएँगे और ढाबे में लंच करके सेरोलसर लेक (3200 मीटर) की ओर बढ़ेंगे। जलोड़ी पास से सेरोलसर लेक 5 किलोमीटर दूर है। रात्रि विश्राम टैंटों में।

Day 3
दिन-3: सेरोलसर लेक - सेरोलसर पीक - लांभरी बेस (9 किलोमीटर ट्रैक)

ब्रेकफास्ट करके सेरोलसर लेक से भी आगे बढ़ेंगे। जंगल से होकर एक तीखी चढ़ाई चढ़ने के बाद ट्री-लाइन से ऊपर पहुँच जाएँगे। यही सेरोलसर पीक है, जो 3450 मीटर ऊँची है। यहाँ से एक तरफ जीभी वैली, दूसरी तरफ आनी वैली और सामने ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के बर्फीले पर्वत दिखाई देते हैं।

यहाँ से आगे एक अत्यधिक तीखी उतराई है। लगभग 1.5 किलोमीटर की इस उतराई को उतरने के बाद आप फिर से जंगल में पहुँच जाते हैं। इसके बाद दूसरी तरह फिर से 1.5 किलोमीटर की तीखी चढ़ाई है और आप पुनः जंगल से बाहर निकलकर ट्री-लाइन के ऊपर घास के हरे-भरे मैदान में पहुँच जाते हैं। आगे का रास्ता इन्हीं मैदानों और हरियाली से होकर गुजरता है और सारी थकान मिटा देता है।

आज लांभरी हिल के बेस पर रात्रि विश्राम टैंटों में करेंगे।

Day 4
दिन-3: लांभरी बेस - लांभरी हिल - सकीर्ण जोत

सुबह नाश्ता करके 1 किमी दूर लांभरी हिल तक जाएँगे। इसकी ऊँचाई 3600 मीटर है और यहाँ बहुत बड़ा हाई एल्टीट्यूड मैदान है। यहाँ से आपको चारों तरफ के शानदार नजारे देखने को मिलेंगे, खासकर महाहिमालय की बर्फीली चोटियाँ।

इसके बाद सकीर्ण जोत (3400 मीटर) की ओर चलेंगे। लांभरी हिल से दूरी तकरीबन 5 किमी है। रात्रि विश्राम सकीर्ण जोत के पास टैंटों में करेंगे।

Day 5
दिन-4: सकीर्ण जोत से चैहणी कोठी होते हुए बंजार

सुबह नाश्ता करके सकीर्ण जोत से ट्रैक शुरू करेंगे। आज मुख्यतः नीचे ही उतरना है। लगभग 6 किमी बाद हम चैहणी कोठी (2150 मीटर) पहुँचेंगे। यहाँ से 2 किमी और चलकर हमें सड़क मिल जाएगी, जहाँ से टैक्सी से बंजार पहुँच जाएँगे। आप बंजार से अपनी आगे की गाड़ी ले सकते हैं।

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Trip Facts

  • आसान ट्रैक
  • 4
  • 5
  • 3600 मीटर (11800 फीट)
  • हिमाचल प्रदेश